Sringeri Ki Mahanta
शृंगेरी की महानता एक महत्वपूर्ण ग्रन्थ है, जिसमें शृंगेरी क्षेत्र, श्री शारदा पीठ तथा उसकी गौरवशाली जगद्गुरु परम्परा का क्रमबद्ध और प्रामाणिक वर्णन किया गया है। इस पुस्तक में शृंगेरी के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व के साथ-साथ आदि शंकराचार्य, उनके शिष्यगण, उत्तरवर्ती आचार्य तथा वर्तमान जगद्गुरु शंकराचार्यों के जीवन, कार्य और योगदान का विस्तार से परिचय दिया गया है। प्रारम्भिक, मध्यकालीन एवं उत्तरकालीन आचार्यों के माध्यम से शृंगेरी पीठ की अखण्ड परम्परा को स्पष्ट किया गया है। परिशिष्ट में शृंगेरी जगद्गुरु परम्परा, आचार्यों की रचनाएँ तथा प्रमुख स्तोत्रों का समावेश इस ग्रन्थ की उपयोगिता को और बढ़ाता है। यह पुस्तक शृंगेरी मठ की महानता को समझने के इच्छुक पाठकों, विद्यार्थियों और साधकों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक है।
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शृंगेरी की महानता एक महत्वपूर्ण ग्रन्थ है, जिसमें शृंगेरी क्षेत्र, श्री शारदा पीठ तथा उसकी गौरवशाली जगद्गुरु परम्परा का क्रमबद्ध और प्रामाणिक वर्णन किया गया है। इस पुस्तक में शृंगेरी के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व के साथ-साथ आदि शंकराचार्य, उनके शिष्यगण, उत्तरवर्ती आचार्य तथा वर्तमान जगद्गुरु शंकराचार्यों के जीवन, कार्य और योगदान का विस्तार से परिचय दिया गया है। प्रारम्भिक, मध्यकालीन एवं उत्तरकालीन आचार्यों के माध्यम से शृंगेरी पीठ की अखण्ड परम्परा को स्पष्ट किया गया है। परिशिष्ट में शृंगेरी जगद्गुरु परम्परा, आचार्यों की रचनाएँ तथा प्रमुख स्तोत्रों का समावेश इस ग्रन्थ की उपयोगिता को और बढ़ाता है। यह पुस्तक शृंगेरी मठ की महानता को समझने के इच्छुक पाठकों, विद्यार्थियों और साधकों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक है।
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शृंगेरी की महानता एक महत्वपूर्ण ग्रन्थ है, जिसमें शृंगेरी क्षेत्र, श्री शारदा पीठ तथा उसकी गौरवशाली जगद्गुरु परम्परा का क्रमबद्ध और प्रामाणिक वर्णन किया गया है। इस पुस्तक में शृंगेरी के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व के साथ-साथ आदि शंकराचार्य, उनके शिष्यगण, उत्तरवर्ती आचार्य तथा वर्तमान जगद्गुरु शंकराचार्यों के जीवन, कार्य और योगदान का विस्तार से परिचय दिया गया है। प्रारम्भिक, मध्यकालीन एवं उत्तरकालीन आचार्यों के माध्यम से शृंगेरी पीठ की अखण्ड परम्परा को स्पष्ट किया गया है। परिशिष्ट में शृंगेरी जगद्गुरु परम्परा, आचार्यों की रचनाएँ तथा प्रमुख स्तोत्रों का समावेश इस ग्रन्थ की उपयोगिता को और बढ़ाता है। यह पुस्तक शृंगेरी मठ की महानता को समझने के इच्छुक पाठकों, विद्यार्थियों और साधकों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक है।























